Sunday, August 23, 2026 About Contact Us

मेरे हिस्से की खुशी

‘मेरे हिस्से की खुशी’ जीवन, रिश्तों और समाज को एक संवेदनशील दृष्टिकोण से देखने वाली पुस्तक है, जो पाठकों को संवाद, आत्मचिंतन और खुशियों के महत्व से जोड़ती है।
on Aug 21, 2026
Mere Hisse Ki Khushi

खामोशी का विस्तार अगर कविताएं हैं तो यकीनन अभिषेक सिंह की 'मेरे हिस्से की खुशी' पढ़नी चाहिए। राजनीति किस तरह आपके रोज़ के जीवन का खाका खींचती है, आपकी खुशी, तड़प, मजबूरी, सार्थकता, भूख और रोटी की नई परिभाषा गढ़ती है ये सबक ये कविता संग्रह देता है।
संवाद एकतरफा है, मगर सूक्ष्म, तीक्ष्ण और असरदार है, सोचने पर बाध्य ज़रूर करता है और हां, अपने गिरेबां में झांकने पर मजबूर भी करता है।आप भी अपने हिस्से की खुशी बटोर लीजिए।

Post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0 comments

    Sorry! No comment found for this post.