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            <![CDATA[ एनबीटी इंडिया में नए आपराधिक कानूनों पर कार्यशाला का आयोजन ]]>
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            <![CDATA[ https://www.frontlist.in/public/nbt-india-workshop-on-new-criminal-laws ]]>
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            <![CDATA[ <p>देश में 1 जुलाई, 2024 से लागू तीन नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया ने सोमवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें कानूनी विशेषज्ञों ने भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के बारे में बताया। इस अवसर पर एनबीटी इंडिया के निदेशक श्री युवराज मलिक ने कहा कि नए आपराधिक कानून में दंड से न्याय की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा, "देश संविधान से चलता है। नागरिक ही देश और समाज को बनाते हैं। हमें अपने अधिकार और कर्तव्य पता होने चाहिए। आपको देश के संविधान और उस कानून के बारे में जानकारी हो, यह आपका और हमारा दोनों का कर्तव्य है। अपने अधिकारों को जानने के लिए कानून का जानना बहुत जरूरी है।"</p><p>कार्यशाला में पुराने और नए कानूनों के बीच अंतर को स्पष्ट किया गया। बताया गया कि किस तरह भारतीय दंड संहिता 1870 को भारतीय न्याय संहिता 2023 में बदल दिया गया है। यह भी बताया गया कि किस तरह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 पहले के आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 से बेहतर और कारगर है। कार्यशाला में भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के स्थान पर आए भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के मुख्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।</p> ]]>
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        <language>en</language>
        <pubDate>Wed, 07 03, 2024 11:02 pm</pubDate>
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                <![CDATA[ एनबीटी इंडिया में नए आपराधिक कानूनों पर कार्यशाला का आयोजन ]]>
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            <link><![CDATA[ https://www.frontlist.in/public/nbt-india-workshop-on-new-criminal-laws ]]></link>
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                <![CDATA[ <p>देश में 1 जुलाई, 2024 से लागू तीन नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया ने सोमवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें कानूनी विशेषज्ञों ने भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के बारे में बताया। इस अवसर पर एनबीटी इंडिया के निदेशक श्री युवराज मलिक ने कहा कि नए आपराधिक कानून में दंड से न्याय की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा, "देश संविधान से चलता है। नागरिक ही देश और समाज को बनाते हैं। हमें अपने अधिकार और कर्तव्य पता होने चाहिए। आपको देश के संविधान और उस कानून के बारे में जानकारी हो, यह आपका और हमारा दोनों का कर्तव्य है। अपने अधिकारों को जानने के लिए कानून का जानना बहुत जरूरी है।"</p><p>कार्यशाला में पुराने और नए कानूनों के बीच अंतर को स्पष्ट किया गया। बताया गया कि किस तरह भारतीय दंड संहिता 1870 को भारतीय न्याय संहिता 2023 में बदल दिया गया है। यह भी बताया गया कि किस तरह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 पहले के आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 से बेहतर और कारगर है। कार्यशाला में भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के स्थान पर आए भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के मुख्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।</p> ]]>
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            <category>Publisher Event</category>
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