<rss version="2.0">
    <channel>
        <title>
            <![CDATA[ वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ) की अनूठी पहल  ‘किताब वाली दीपावली’ नयी  दिल्ली, 21.10.2022 ]]>
        </title>
        <link>
            <![CDATA[ https://www.frontlist.in/vanae-parakashana-garapa-vanae-parakashana-va-bharataya-janianapatha-ka-anatha-pahal-katab-val-thapaval-naya-thall-21102022 ]]>
        </link>
        <description>
            <![CDATA[ <p><strong>पुस्तक संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए नयी पहल &nbsp;‘किताब वाली दीपावली।</strong><br>&nbsp;</p><p><strong>दीपावली&nbsp;व छठ पर्व के शुभ अवसर पर वाणी प्रकाशन ग्रुप की ओर से पाठकों के लिए विशेष ऑफर। अमेज़ॉन पर उपलब्ध वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ) की सभी&nbsp;पुस्तकों पर&nbsp;25%&nbsp;की छूट। यह ऑफर&nbsp;20 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022&nbsp;तक लागू है।</strong><br>&nbsp;</p><p><strong>पुस्तकों के आकर्षक कॉम्बो सेट पर विशेष छूट।</strong><br>&nbsp;</p><p><strong>दीपावली व छठ पर्व</strong> &nbsp;के शुभ अवसर पर&nbsp;<strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप</strong>&nbsp;की ओर से पाठकों के लिए विशेष ऑफर शुरू किया गया है। अमेज़ॉन पर उपलब्ध <strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ)</strong> की सभी&nbsp;पुस्तकों पर&nbsp;25%&nbsp;की छूट व पाठकों द्वारा पसन्द की गयी कालजयी साहित्यकारों की पुस्तकों के कॉम्बो सेट तैयार किये गये है। जिनपर भी 25% की छूट दी जा रही है। यह ऑफ़र&nbsp;20&nbsp;अक्टूबर से 31&nbsp;अक्टूबर&nbsp;2022&nbsp;तक लागू है।<br>&nbsp;</p><p>&nbsp;<br>दीपावली का त्योहार अधिकांश भारतीय मानस की पवित्रता से जुड़ा है। इस त्योहार पर आध्यात्मिक, बौद्धिक और सामाजिक शुचिता के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्दता पर भी ध्यान दिया जाता है। दीपावली के छठे दिन पूर्वांचल वासियों द्वारा छठ पर्व मनाया जाता है। वाणी प्रकाशन ग्रुप दीपोत्सव और सूर्य उपासना के पर्व छठ में पिछले 60 वर्षों से अपने पाठकों व लेखकों के साथ सतत जुड़ा हुआ है। पुस्तकें ज्ञान का सागर हैं। इस दीपावली व छठ के शुभ अवसर पर अपने मित्रों और परिवारों को पुस्तकें भेंट की जायें जिससे हमारा ज्ञान का सागर और समृद्ध हो जाये।<br>&nbsp;</p><p><strong>‘किताब वाली दीपावली व छठ पर्व’</strong> के शुभ अवसर पर <strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप</strong> की कार्यकारी निदेशक <strong>अदिति माहेश्वरी-गोयल</strong> कहती हैं कि, “इन ग्यारह दिनों में हम विशेष छूट के साथ <strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ)</strong> की सभी पुस्तकों को अपने पाठकों तक पहुँचा रहे हैं। युवा पाठक श्रेष्ठ साहित्य की ओर आकर्षित हों और पूरे परिवार की साहित्यिक रुचि के अनुसार बनाये गये कॉम्बो सेट से किताबों के पारिवारिक तोहफ़े भी घर-घर पहुँचें। पुस्तकों द्वारा नयी पीढ़ी का बौद्धिक वातावरण सिंचित हो और हमारा देश भविष्य में ज्ञान के क्षेत्र में विश्व गुरू बने, यही हमारी मनोकामना है। हम अपने सभी पाठकों व लेखकों को शुभकामनाएँ देते हैं।”<br>&nbsp;</p><p><strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप के बारे में</strong><br><br><strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप</strong> पिछले&nbsp;60&nbsp;वर्षों से साहित्य की&nbsp;32&nbsp;से भी अधिक नवीनतम विधाओं में,&nbsp;बेहतरीन हिन्दी साहित्य का प्रकाशन कर रहा है। वाणी प्रकाशन ग्रुप ने प्रिंट,&nbsp;इलेक्ट्रॉनिक और ऑडियो प्रारूप में&nbsp;6,000&nbsp;से अधिक पुस्तकें प्रकाशित की हैं तथा देश के&nbsp;3,00,000&nbsp;से भी अधिक गाँव, 2,800&nbsp;क़स्बे, 54&nbsp;मुख्य नगर और&nbsp;12&nbsp;मुख्य ऑनलाइन बुक स्टोर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वाणी प्रकाशन ग्रुप ने 1944 में स्थापित भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित प्रकाशन गृह <strong>'भारतीय ज्ञानपीठ'</strong> के प्रकाशन कार्यक्रम को अपने ग्रुप में समाहित किया है। इसके साथ, वाणी प्रकाशन ग्रुप अब हिन्दी का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय प्रकाशन समूह है।<br>&nbsp;</p><p>वाणी प्रकाशन ग्रुप वाणी डिजिटल,&nbsp;वाणी बिज़नेस,&nbsp;वाणी बुक कम्पनी,&nbsp;वाणी पृथ्वी,&nbsp;नाइन बुक्स,&nbsp;वाणी प्रतियोगिता,&nbsp;युवा वाणी और गैर-लाभकारी संस्था वाणी फ़ाउण्डेशन के साथ प्रकाशन उद्योग में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।<br>&nbsp;</p><p>वाणी प्रकाशन ग्रुप भारत के प्रमुख पुस्तकालयों,&nbsp;संयुक्त राष्ट्र अमेरिका,&nbsp;ब्रिटेन और मध्य पूर्व,&nbsp;से भी जुड़ा हुआ है। वाणी प्रकाशन ग्रुप की सूची में,&nbsp;साहित्य अकादेमी से पुरस्कृत&nbsp;25&nbsp;पुस्तकें और लेखक,&nbsp;हिन्दी में अनूदित&nbsp;9&nbsp;नोबेल पुरस्कार विजेता और&nbsp;24&nbsp;अन्य प्रमुख पुरस्कृत लेखक और पुस्तकें शामिल हैं। वाणी प्रकाशन ग्रुप को क्रमानुसार नेशनल लाइब्रेरी,&nbsp;स्वीडन,&nbsp;रशियन सेंटर ऑफ़ आर्ट एण्ड कल्चर तथा पोलिश सरकार द्वारा इंडो-पोलिश लिटरेरी के साथ सांस्कृतिक सम्बन्ध विकसित करने का गौरव प्राप्त है। वाणी प्रकाशन ग्रुप ने&nbsp;2008&nbsp;में&nbsp;‘Federation of Indian Publishers Associations’&nbsp;द्वारा प्रतिष्ठित&nbsp;‘Distinguished Publisher Award’&nbsp;भी प्राप्त किया है। सन्&nbsp;2013&nbsp;से&nbsp;2017&nbsp;तक केन्द्रीय साहित्य अकादेमी के&nbsp;68&nbsp;वर्षों के इतिहास में पहली बार श्री अरुण माहेश्वरी केन्द्रीय परिषद् की जनरल काउंसिल में देशभर के प्रकाशकों के प्रतिनिधि के रूप में चयनित किये गये।<br>&nbsp;</p><p>लन्दन में भारतीय उच्चायुक्त द्वारा&nbsp;25&nbsp;मार्च&nbsp;2017&nbsp;को&nbsp;‘वातायन सम्मान’&nbsp;तथा&nbsp;28&nbsp;मार्च&nbsp;2017&nbsp;को वाणी प्रकाशन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक व वाणी फ़ाउण्डेशन के चेयरमैन अरुण माहेश्वरी को ऑक्सफोर्ड बिज़नेस कॉलेज,&nbsp;ऑक्सफोर्ड में&nbsp;‘एक्सीलेंस इन बिज़नेस’&nbsp;सम्मान से नवाज़ा गया। प्रकाशन की दुनिया में पहली बार हिन्दी प्रकाशन को इन दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। हिन्दी प्रकाशन के इतिहास में यह अभूतपूर्व घटना मानी जा रही है।<br>&nbsp;</p><p>3&nbsp;मई&nbsp;2017&nbsp;को नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में&nbsp;‘64वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह’&nbsp;में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के कर-कमलों द्वारा&nbsp;‘स्वर्ण-कमल-2016’&nbsp;पुरस्कार प्रकाशक वाणी प्रकाशन ग्रुप को प्रदान किया गया। भारतीय परिदृश्य में प्रकाशन जगत की बदलती हुई ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए वाणी प्रकाशन ग्रुप ने राजधानी के प्रमुख पुस्तक केन्द्र ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर के साथ सहयोग कर&nbsp;‘लेखक से मिलिये’&nbsp;के अन्तर्गत कई महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम-शृंखला का आयोजन किया और वर्ष&nbsp;2014&nbsp;से&nbsp;‘हिन्दी महोत्सव’&nbsp;का आयोजन सम्पन्न करता आ रहा है।<br>&nbsp;</p><p>वर्ष&nbsp;2017&nbsp;में वाणी फ़ाउण्डेशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इन्द्रप्रस्थ कॉलेज के साथ मिलकर हिन्दी महोत्सव का आयोजन किया व वर्ष&nbsp;2018&nbsp;में वाणी फ़ाउण्डेशन,&nbsp;यू.के. हिन्दी समिति,&nbsp;वातायन और कृति यू. के. के सान्निध्य में हिन्दी महोत्सव ऑक्सफोर्ड,&nbsp;लन्दन और बर्मिंघम में आयोजित किया गया ।<br>&nbsp;</p><p>‘किताबों की दुनिया’&nbsp;में बदलती हुई पाठक वर्ग की भूमिका और दिलचस्पी को ध्यान में रखते हुए वाणी प्रकाशन ग्रुप ने अपनी&nbsp;51वीं वर्षगाँठ पर गैर-लाभकारी उपक्रम वाणी फ़ाउण्डेशन की स्थापना की। फ़ाउण्डेशन की स्थापना के मूल प्रेरणास्त्रोत सुहृदय साहित्यानुरागी और अध्यापक स्व. डॉ. प्रेमचन्द्र&nbsp;‘महेश’&nbsp;हैं। स्व. डॉ. प्रेमचन्द्र&nbsp;‘महेश’&nbsp;ने वर्ष&nbsp;1960&nbsp;में वाणी प्रकाशन ग्रुप की स्थापना की। वाणी फ़ाउण्डेशन का लोगो विख्यात चित्रकार सैयद हैदर रज़ा द्वारा बनाया गया है। मशहूर शायर और फ़िल्मकार गुलज़ार वाणी फ़ाउण्डेशन के प्रेरणास्त्रोत हैं।<br>&nbsp;</p><p>वाणी फ़ाउण्डेशन भारतीय और विदेशी भाषा साहित्य के बीच व्यावहारिक आदान-प्रदान के लिए एक अभिनव मंच के रूप में सेवा करता है। साथ ही वाणी फ़ाउण्डेशन भारतीय कला,&nbsp;साहित्य तथा बाल-साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय शोधवृत्तियाँ प्रदान करता है। वाणी फ़ाउण्डेशन का एक प्रमुख दायित्व है दुनिया में सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी बड़ी भाषा हिन्दी को यूनेस्को भाषा सूची में शामिल कराने के लिए विश्वस्तरीय प्रयास करना।<br>&nbsp;</p><p>वाणी फ़ाउण्डेशन की ओर से विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार भारतवर्ष के उन अनुवादकों को दिया जाता है जिन्होंने निरन्तर और कम-से-कम दो भारतीय भाषाओं के बीच साहित्यिक और भाषाई सम्बन्ध विकसित करने की दिशा में गुणात्मक योगदान दिया है। इस पुरस्कार की आवश्यकता इसलिए विशेष रूप से महसूस की जा रही थी क्योंकि वर्तमान स्थिति में दो भाषाओं के मध्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले की स्थिति बहुत हाशिए पर है। इसका उद्देश्य एक ओर अनुवादकों को भारत के इतिहास के मध्य भाषिक और साहित्यिक सम्बन्धों के आदान-प्रदान की पहचान के लिए प्रेरित करना है,&nbsp;दूसरी ओर,&nbsp;भारत की सशक्त परम्परा को वर्तमान और भविष्य के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित करना है।<br>&nbsp;</p><p>वाणी फ़ाउण्डेशन की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है भारतीय भाषाओं से हिन्दी व अंग्रेजी में श्रेष्ठ अनुवाद का कार्यक्रम। इसके साथ ही इस न्यास के द्वारा प्रतिवर्ष डिस्टिंगविश्ड ट्रांसलेटर अवार्ड भी प्रदान किया जाता है जिसमें मानद पत्र और एक लाख रुपये की राशि अर्पित की जाती हैं। वर्ष&nbsp;2018&nbsp;के लिए यह सम्मान प्रतिष्ठित अनुवादक,&nbsp;लेखक,&nbsp;पर्यावरण संरक्षक तेजी ग्रोवर को दिया गया था।</p> ]]>
        </description>
        <language>en</language>
        <pubDate>Fri, 10 21, 2022 03:23 pm</pubDate>
        <item>
            <title>
                <![CDATA[ वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ) की अनूठी पहल  ‘किताब वाली दीपावली’ नयी  दिल्ली, 21.10.2022 ]]>
            </title>
            <link><![CDATA[ https://www.frontlist.in/vanae-parakashana-garapa-vanae-parakashana-va-bharataya-janianapatha-ka-anatha-pahal-katab-val-thapaval-naya-thall-21102022 ]]></link>
            <description>
                <![CDATA[ <p><strong>पुस्तक संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए नयी पहल &nbsp;‘किताब वाली दीपावली।</strong><br>&nbsp;</p><p><strong>दीपावली&nbsp;व छठ पर्व के शुभ अवसर पर वाणी प्रकाशन ग्रुप की ओर से पाठकों के लिए विशेष ऑफर। अमेज़ॉन पर उपलब्ध वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ) की सभी&nbsp;पुस्तकों पर&nbsp;25%&nbsp;की छूट। यह ऑफर&nbsp;20 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022&nbsp;तक लागू है।</strong><br>&nbsp;</p><p><strong>पुस्तकों के आकर्षक कॉम्बो सेट पर विशेष छूट।</strong><br>&nbsp;</p><p><strong>दीपावली व छठ पर्व</strong> &nbsp;के शुभ अवसर पर&nbsp;<strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप</strong>&nbsp;की ओर से पाठकों के लिए विशेष ऑफर शुरू किया गया है। अमेज़ॉन पर उपलब्ध <strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ)</strong> की सभी&nbsp;पुस्तकों पर&nbsp;25%&nbsp;की छूट व पाठकों द्वारा पसन्द की गयी कालजयी साहित्यकारों की पुस्तकों के कॉम्बो सेट तैयार किये गये है। जिनपर भी 25% की छूट दी जा रही है। यह ऑफ़र&nbsp;20&nbsp;अक्टूबर से 31&nbsp;अक्टूबर&nbsp;2022&nbsp;तक लागू है।<br>&nbsp;</p><p>&nbsp;<br>दीपावली का त्योहार अधिकांश भारतीय मानस की पवित्रता से जुड़ा है। इस त्योहार पर आध्यात्मिक, बौद्धिक और सामाजिक शुचिता के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्दता पर भी ध्यान दिया जाता है। दीपावली के छठे दिन पूर्वांचल वासियों द्वारा छठ पर्व मनाया जाता है। वाणी प्रकाशन ग्रुप दीपोत्सव और सूर्य उपासना के पर्व छठ में पिछले 60 वर्षों से अपने पाठकों व लेखकों के साथ सतत जुड़ा हुआ है। पुस्तकें ज्ञान का सागर हैं। इस दीपावली व छठ के शुभ अवसर पर अपने मित्रों और परिवारों को पुस्तकें भेंट की जायें जिससे हमारा ज्ञान का सागर और समृद्ध हो जाये।<br>&nbsp;</p><p><strong>‘किताब वाली दीपावली व छठ पर्व’</strong> के शुभ अवसर पर <strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप</strong> की कार्यकारी निदेशक <strong>अदिति माहेश्वरी-गोयल</strong> कहती हैं कि, “इन ग्यारह दिनों में हम विशेष छूट के साथ <strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप (वाणी प्रकाशन व भारतीय ज्ञानपीठ)</strong> की सभी पुस्तकों को अपने पाठकों तक पहुँचा रहे हैं। युवा पाठक श्रेष्ठ साहित्य की ओर आकर्षित हों और पूरे परिवार की साहित्यिक रुचि के अनुसार बनाये गये कॉम्बो सेट से किताबों के पारिवारिक तोहफ़े भी घर-घर पहुँचें। पुस्तकों द्वारा नयी पीढ़ी का बौद्धिक वातावरण सिंचित हो और हमारा देश भविष्य में ज्ञान के क्षेत्र में विश्व गुरू बने, यही हमारी मनोकामना है। हम अपने सभी पाठकों व लेखकों को शुभकामनाएँ देते हैं।”<br>&nbsp;</p><p><strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप के बारे में</strong><br><br><strong>वाणी प्रकाशन ग्रुप</strong> पिछले&nbsp;60&nbsp;वर्षों से साहित्य की&nbsp;32&nbsp;से भी अधिक नवीनतम विधाओं में,&nbsp;बेहतरीन हिन्दी साहित्य का प्रकाशन कर रहा है। वाणी प्रकाशन ग्रुप ने प्रिंट,&nbsp;इलेक्ट्रॉनिक और ऑडियो प्रारूप में&nbsp;6,000&nbsp;से अधिक पुस्तकें प्रकाशित की हैं तथा देश के&nbsp;3,00,000&nbsp;से भी अधिक गाँव, 2,800&nbsp;क़स्बे, 54&nbsp;मुख्य नगर और&nbsp;12&nbsp;मुख्य ऑनलाइन बुक स्टोर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वाणी प्रकाशन ग्रुप ने 1944 में स्थापित भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित प्रकाशन गृह <strong>'भारतीय ज्ञानपीठ'</strong> के प्रकाशन कार्यक्रम को अपने ग्रुप में समाहित किया है। इसके साथ, वाणी प्रकाशन ग्रुप अब हिन्दी का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय प्रकाशन समूह है।<br>&nbsp;</p><p>वाणी प्रकाशन ग्रुप वाणी डिजिटल,&nbsp;वाणी बिज़नेस,&nbsp;वाणी बुक कम्पनी,&nbsp;वाणी पृथ्वी,&nbsp;नाइन बुक्स,&nbsp;वाणी प्रतियोगिता,&nbsp;युवा वाणी और गैर-लाभकारी संस्था वाणी फ़ाउण्डेशन के साथ प्रकाशन उद्योग में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।<br>&nbsp;</p><p>वाणी प्रकाशन ग्रुप भारत के प्रमुख पुस्तकालयों,&nbsp;संयुक्त राष्ट्र अमेरिका,&nbsp;ब्रिटेन और मध्य पूर्व,&nbsp;से भी जुड़ा हुआ है। वाणी प्रकाशन ग्रुप की सूची में,&nbsp;साहित्य अकादेमी से पुरस्कृत&nbsp;25&nbsp;पुस्तकें और लेखक,&nbsp;हिन्दी में अनूदित&nbsp;9&nbsp;नोबेल पुरस्कार विजेता और&nbsp;24&nbsp;अन्य प्रमुख पुरस्कृत लेखक और पुस्तकें शामिल हैं। वाणी प्रकाशन ग्रुप को क्रमानुसार नेशनल लाइब्रेरी,&nbsp;स्वीडन,&nbsp;रशियन सेंटर ऑफ़ आर्ट एण्ड कल्चर तथा पोलिश सरकार द्वारा इंडो-पोलिश लिटरेरी के साथ सांस्कृतिक सम्बन्ध विकसित करने का गौरव प्राप्त है। वाणी प्रकाशन ग्रुप ने&nbsp;2008&nbsp;में&nbsp;‘Federation of Indian Publishers Associations’&nbsp;द्वारा प्रतिष्ठित&nbsp;‘Distinguished Publisher Award’&nbsp;भी प्राप्त किया है। सन्&nbsp;2013&nbsp;से&nbsp;2017&nbsp;तक केन्द्रीय साहित्य अकादेमी के&nbsp;68&nbsp;वर्षों के इतिहास में पहली बार श्री अरुण माहेश्वरी केन्द्रीय परिषद् की जनरल काउंसिल में देशभर के प्रकाशकों के प्रतिनिधि के रूप में चयनित किये गये।<br>&nbsp;</p><p>लन्दन में भारतीय उच्चायुक्त द्वारा&nbsp;25&nbsp;मार्च&nbsp;2017&nbsp;को&nbsp;‘वातायन सम्मान’&nbsp;तथा&nbsp;28&nbsp;मार्च&nbsp;2017&nbsp;को वाणी प्रकाशन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक व वाणी फ़ाउण्डेशन के चेयरमैन अरुण माहेश्वरी को ऑक्सफोर्ड बिज़नेस कॉलेज,&nbsp;ऑक्सफोर्ड में&nbsp;‘एक्सीलेंस इन बिज़नेस’&nbsp;सम्मान से नवाज़ा गया। प्रकाशन की दुनिया में पहली बार हिन्दी प्रकाशन को इन दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। हिन्दी प्रकाशन के इतिहास में यह अभूतपूर्व घटना मानी जा रही है।<br>&nbsp;</p><p>3&nbsp;मई&nbsp;2017&nbsp;को नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में&nbsp;‘64वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह’&nbsp;में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के कर-कमलों द्वारा&nbsp;‘स्वर्ण-कमल-2016’&nbsp;पुरस्कार प्रकाशक वाणी प्रकाशन ग्रुप को प्रदान किया गया। भारतीय परिदृश्य में प्रकाशन जगत की बदलती हुई ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए वाणी प्रकाशन ग्रुप ने राजधानी के प्रमुख पुस्तक केन्द्र ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर के साथ सहयोग कर&nbsp;‘लेखक से मिलिये’&nbsp;के अन्तर्गत कई महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम-शृंखला का आयोजन किया और वर्ष&nbsp;2014&nbsp;से&nbsp;‘हिन्दी महोत्सव’&nbsp;का आयोजन सम्पन्न करता आ रहा है।<br>&nbsp;</p><p>वर्ष&nbsp;2017&nbsp;में वाणी फ़ाउण्डेशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इन्द्रप्रस्थ कॉलेज के साथ मिलकर हिन्दी महोत्सव का आयोजन किया व वर्ष&nbsp;2018&nbsp;में वाणी फ़ाउण्डेशन,&nbsp;यू.के. हिन्दी समिति,&nbsp;वातायन और कृति यू. के. के सान्निध्य में हिन्दी महोत्सव ऑक्सफोर्ड,&nbsp;लन्दन और बर्मिंघम में आयोजित किया गया ।<br>&nbsp;</p><p>‘किताबों की दुनिया’&nbsp;में बदलती हुई पाठक वर्ग की भूमिका और दिलचस्पी को ध्यान में रखते हुए वाणी प्रकाशन ग्रुप ने अपनी&nbsp;51वीं वर्षगाँठ पर गैर-लाभकारी उपक्रम वाणी फ़ाउण्डेशन की स्थापना की। फ़ाउण्डेशन की स्थापना के मूल प्रेरणास्त्रोत सुहृदय साहित्यानुरागी और अध्यापक स्व. डॉ. प्रेमचन्द्र&nbsp;‘महेश’&nbsp;हैं। स्व. डॉ. प्रेमचन्द्र&nbsp;‘महेश’&nbsp;ने वर्ष&nbsp;1960&nbsp;में वाणी प्रकाशन ग्रुप की स्थापना की। वाणी फ़ाउण्डेशन का लोगो विख्यात चित्रकार सैयद हैदर रज़ा द्वारा बनाया गया है। मशहूर शायर और फ़िल्मकार गुलज़ार वाणी फ़ाउण्डेशन के प्रेरणास्त्रोत हैं।<br>&nbsp;</p><p>वाणी फ़ाउण्डेशन भारतीय और विदेशी भाषा साहित्य के बीच व्यावहारिक आदान-प्रदान के लिए एक अभिनव मंच के रूप में सेवा करता है। साथ ही वाणी फ़ाउण्डेशन भारतीय कला,&nbsp;साहित्य तथा बाल-साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय शोधवृत्तियाँ प्रदान करता है। वाणी फ़ाउण्डेशन का एक प्रमुख दायित्व है दुनिया में सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी बड़ी भाषा हिन्दी को यूनेस्को भाषा सूची में शामिल कराने के लिए विश्वस्तरीय प्रयास करना।<br>&nbsp;</p><p>वाणी फ़ाउण्डेशन की ओर से विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार भारतवर्ष के उन अनुवादकों को दिया जाता है जिन्होंने निरन्तर और कम-से-कम दो भारतीय भाषाओं के बीच साहित्यिक और भाषाई सम्बन्ध विकसित करने की दिशा में गुणात्मक योगदान दिया है। इस पुरस्कार की आवश्यकता इसलिए विशेष रूप से महसूस की जा रही थी क्योंकि वर्तमान स्थिति में दो भाषाओं के मध्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले की स्थिति बहुत हाशिए पर है। इसका उद्देश्य एक ओर अनुवादकों को भारत के इतिहास के मध्य भाषिक और साहित्यिक सम्बन्धों के आदान-प्रदान की पहचान के लिए प्रेरित करना है,&nbsp;दूसरी ओर,&nbsp;भारत की सशक्त परम्परा को वर्तमान और भविष्य के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित करना है।<br>&nbsp;</p><p>वाणी फ़ाउण्डेशन की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है भारतीय भाषाओं से हिन्दी व अंग्रेजी में श्रेष्ठ अनुवाद का कार्यक्रम। इसके साथ ही इस न्यास के द्वारा प्रतिवर्ष डिस्टिंगविश्ड ट्रांसलेटर अवार्ड भी प्रदान किया जाता है जिसमें मानद पत्र और एक लाख रुपये की राशि अर्पित की जाती हैं। वर्ष&nbsp;2018&nbsp;के लिए यह सम्मान प्रतिष्ठित अनुवादक,&nbsp;लेखक,&nbsp;पर्यावरण संरक्षक तेजी ग्रोवर को दिया गया था।</p> ]]>
            </description>
            <category>Publisher Event</category>
            <author>
                <![CDATA[ Frontlist ]]>
            </author>
            <guid>2</guid>
            <pubDate>Fri, 10 21, 2022 03:23 pm</pubDate>
        </item>
    </channel>
</rss>
