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            <![CDATA[ Aatm Bhaav ]]>
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            <![CDATA[ https://www.frontlist.in/aatm-bhaav ]]>
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            <![CDATA[ <p>सृष्टि में व्याप्त काम, क्रोध, लोभ, मोह, माया, और मत्सर को कविता इस तरीके से व्यक्त करती है, जैसे वो आँखों के सामने नाच रहे हों, और उनकी सारी भाव-भंगिमाएं हमारी आँखों के सामने अवतरित होने लगते हैं। कविता हमारे मन में उठे आवेगों को उत्तेजित कर देती है। आज के इस भौतिकवादी संसार में जब लोगों को समझने की हमारी शक्ति कम हो गयी है, कविता उन प्रयासों के फलीभूत होने का एक सशक्त माध्यम है। इस पुस्तक के माध्यम से हम उन्ही भावनाओं का अवलोकन करेंगे, उनको समझेंगे और समाज में जो हमारे साथ रह रहे हैं, उनको जानने की कोशिश करेंगे। इस पुस्तक में लिखित कविताएँ आपको एक रचनाकार की भावनाओं से भी अवगत करवाएंगी और आपको संवेदनाओं की लहरों पर हिलोरें का सफर करवाएंगी। ये 19 कवितायेँ आपको स्पंदित करेंगी। आइये, हम साथ मिल कर कुछ नए का सृजन करते हैं।</p> ]]>
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        <language>en</language>
        <pubDate>Wed, 11 22, 2023 10:35 pm</pubDate>
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            <link><![CDATA[ https://www.frontlist.in/aatm-bhaav ]]></link>
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            <category>About the Book</category>
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